अत्रानात्मन्यहमिति मतिर्बन्ध एषोऽस्य पुंसः
प्राप्तोऽज्ञानाज्जननमरणक्लेशसम्पातहेतुः ।
येनैवायं वपुरिदमसत्सत्यमित्यात्मबुद्ध्या
पुष्यत्युक्षत्यावति विषयैस्तन्तुभिः कोशकृद्वत् || 137 || ॥
| Word | Transliteration | English | Hindi | Category | Gender | Number | Case |
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