देहादिनिष्ठाश्रमधर्मकर्मगुणाभिमानः
सततं ममेति ।
विज्ञानकोशोऽयमतिप्रकाशः
प्रकृष्टसान्निध्यवशात्परात्मनः ।
अतो भवत्येष उपाधिरस्य
यदात्मधीः संसरति भ्रमेण || 188 || ॥
| Word | Transliteration | English | Hindi | Category | Gender | Number | Case |
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